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ऐ मेरे राजदार
ऐ मेरे राजदार
ऐ मेरे राजदार तू आज मुझको रो लेने दे
रो रहा हूं मैं मुझको तू बुरा भला न कह
मैं रो रो कर के ही अपने दिल के बोझ को
थोड़ा हलका कर रहा हूं तू यह देखता रह
साथी है तू मेरा तुझे मैं अपना राज बताता हूं
बुरा भी लगे तो तू नाराज मुझसे न होना
शायद तुझको मेरा ख्याल आ भी जाए
इस लिए मैने शुरू कर दिया है अपना रोना
यह रुदन ही है मेरे दिल की आवाज का
मेरे दिल की फरियाद इसी रुदन में छिपी है
मेरी और मेरे दिल की आवाज को तू सुनले
जिंदगी मेरी जिंदा तो है पर सांसे रुकी रुकी है
मेरी मुश्किल को तू ही हल कर सकता हैं
मेरे दिल के दर्द के बहाव संग तू भी बह
ऐ मेरे राजदान तू आज मुझको रो लेने दे
रो रहा हूं मैं, मुझको तू बुरा भला न कह
हमारा साया
ये जुदाई की रातें कैसी हो आई है
महबूब हमारे हमसे बिदा हो चले
दिल की आग से दिल जल उठा है
किंतु महबूब हमारे बेवफा निकले
साथी था हमारा साथ अब न रहा
साया हमारा हमसे ही दूर हो चला
अकेले पड़ गए है हम इस दुनिया में
हमारा साया धुएं की तरह उड़ चला
जुदाई की रात हमको गम दे गई है
लगने लगा है डर हमें इसे कैसे सहेंगे
गुस्ताख था महबूब नहीं वक्त ही था
दोष इसका हम किसी को दे न सकेंगे
महबूब से मिलना दुश्वार हो गया है
हमारी जिंदगी को ही हम खो चले
ये जुदाई की रातें कैसी हो आई है
महबूब हमारे हमसे विदा हो चले
रमेश पाटोदिया नवाब
