हास्य-व्यंग्य से भरपूर ‘कॉकरोच जनता पार्टी चालीसा’ समाज और राजनीति की विडंबनाओं का अनोखा चित्रण प्रस्तुत करती...
पद्य साहित्य
कृष्ण-द्रौपदी संवाद (चीरहरण प्रसंग) पर आधारित यह भावपूर्ण काव्य खण्ड श्रद्धा, भक्ति, विश्वास और धर्म की विजय...
तुम्हारा साथ तुम्हारा साथमैं लिखना तो बहुत कुछ चाहता हूँ,शब्दों का सागर कम ही लग रहा है...
कोई अनमोल-सी सौगात होती है दोस्ती कोई अनमोल-सी सौगात होती है दोस्ती।१महोब्बत की कड़ियाँ, कभी मत टूटने...
हो गये साठ के पार अभी असली इम्तिहान बाक़ी है हो गये साठ के पार अभी असली...
हमारे प्रधान ऐसे हैं “हमारे प्रधान ऐसे हैं”हमारे प्रधान पाँच साल में,एक बार दर्शन को आते।घूम घाम...
